Tuesday, 25 December 2018

सार्थक संवाद

आज मैं बक्सर स्टेशन जाने के लिए घर से निकला रोड तक आया । एक ऑटो को रुकने का इशारा किया तो ऑटोवाले ऑटो धिरे करते हुए बोले कि जल्दी बैठिए । मैं भी चलते हुए ऑटो में ड्राईवर के पास बैठ गया । बैठते ही ऑटोवाले बोले कि 10 रु लगेगा ।
मैं - हसंते हुए बोला अरे नही च्चा 7 रु लगता है ।
ऑटोवाले - नही 10 रु 4 महीना से हुआ है ।
मैं - मैं तो रोज आता जाता हूं 7 रु ही देता हूं । और कही किराया तो नही बढा है। और ये चार महीने नही ही बोलिये।
ऑटोवाले - हा और कही का किराया नही बढा है । इतना कह कर पेट्रोल पंप वाले को , किराने के दुकानदार को अभद्र -अभद्र गालियां दे कर बोले कि खुदरा (चिल्लर) कौनो लेता ही नही है । तो हम लोग लेकर क्या अचार डालेंगे । ...........इस लिए सीधा 10 रु लगेगा । आप को देना है तो बैठिये नही तो उतर जाइये ।

(इतना संवाद की बीच ऑटो आगे बढ़ता रहा , करीब आधा दूर आ गए थे।)
मैं - हा च्चा ये बात तो सही बोल रहे हैं। पर बढ़ा क्यों दिए 5 रुपया कर देते ।
ऑटोवाले -  देखो बाबू दिमाग मत चाटो  एक तो ऐसे ही दो दिन से दिमाग खराब है ।
मैं - क्यो?
ऑटोवाले - बक्सर में जितना ऑटो व बस है सब का टेप का तार या लाउडस्पीकर निकाल रहा हूं । जितना नया उम्र के लड़के सब चला रहा है न   सब इतना अश्लील गाना बजाता है ।  कि सवारी असहज महसूस करता है ।

मैं - वाह च्चा .. ये तो बहुत अच्छा काम किये है । लेकिन नया लड़का से ज्यादा पुराने ही बजाते है । जैसे कि अभी आप पेट्रोल पंप वाले को , किराने के दुकानदारों को .. बहुत सुंदर भजन सुना रहे थे ।

ऑटोवाले - एक नज़र मेरे तरफ देखे ......... और चुप हो गए।
मैं - कुछ गलत बोल दिया। क्या?
ऑटोवाले - ठीक है बाबू साहब पहले अपने आपको सुधारूँगा । फिर दूसरे को ...

मैं - ऐसा हो तो.... सब अपने सुधार हो जाएगा ।
ऑटोवाले -  आप लोग यही उतर जाइये .. नही तो नगर परिषद वाला 30 रु ले लेगा।  पैसा ले लेता कुछ व्यवस्था नही करता है गालियां भी देते जा रहे थे।(स्टेशन से कुछ पहले)
मैं - फिर शुरू हो गए ।
च्चा - दोनों हाथ जोड़ लिए और बोले कि साहब ... ये लाइन ही ऐसा है । आदत हो गई है।
मैं - 20 रु दिया । कि काट लीजिये।

च्चा- नही साहब ... आप से आज पैसा नही लूंगा । आप मिठाई खा लीजिएगा ।
मैं कुछ बोलता की वो बोले कि रखलो ...मेरा आशीर्वाद समझ लीजिए । ... इतना आदर पूर्वक बात किये ...हमलोग से ऐसा कोई नही बात करता है ।
मैं मुस्कुराता हुआ स्टेशन की तरफ चल दिया । आदर मैन दिया या उन्होंने दिया?
  ========= अभिषेक पाण्डेय =========
संवाद

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