दो पेड़ो की गुफ्तगू सुनिए। विश्व पर्यावरण दिवस पर मैने
दो लाइन लिखने का प्रयास किया है।
पेड़
हो रही गुफ्तगू , सुनले जरा तू।I
लगा सकता नही, तो काट ना तू।
मैं जिंदा हूं तो, करू भला तेरा,
मैं मरता हूं तो, करू भला तेरा।
तुझसे पूछता हूं, क्या ख़ता है मेरा,
फल फूल तना, हर एक पत्ता है तेरा।
फिर क्यों मारता है? भला।
विश्व_पर्यावरण_दिवस की शुभकामनाएं।
05/06/2020
मिरिक
दो लाइन लिखने का प्रयास किया है।
पेड़
हो रही गुफ्तगू , सुनले जरा तू।I
लगा सकता नही, तो काट ना तू।
मैं जिंदा हूं तो, करू भला तेरा,
मैं मरता हूं तो, करू भला तेरा।
तुझसे पूछता हूं, क्या ख़ता है मेरा,
फल फूल तना, हर एक पत्ता है तेरा।
फिर क्यों मारता है? भला।
विश्व_पर्यावरण_दिवस की शुभकामनाएं।
05/06/2020
मिरिक

Wow...♥️बहुत खूब
ReplyDeletethank you
Deleteखुबसूरत लाईनें लिखी आपने।
ReplyDeleteसादर धन्यवाद रोहित जी
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